EWS आरक्षण पर फैसले को BJP ने सराहा

नई दिल्ली  (मानवीय सोच)  EWS आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद तमाम राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। एक तरफ भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मोदी सरकार की सामाजिक जीत करार दिया तो कांग्रेस ने इस फैसले का विरोध जताया है। कांग्रेस नेता उदित राज ने तो सुप्रीम कोर्ट को जातिवादी करार दिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जातिवादी है, अब भी कोई शक है!

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने 3-2 के साथ EWS 10 फीसदी आरक्षण को मंजूर किया। बेंच के पांच जजों में से तीन EWS कोटे को संविधान के अनुरुप बताया। जबकि चीफ जस्टिस यूयू ललित समेत दो जजों ने इसे अनुचित करार दिया। लेकिन, बहुमत के हिसाब से मोदी सरकार के फैसले पर मुहर लग गई है।

कांग्रेस ने जताया विरोध
पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता उदित राज ने इस फैसले का विरोध जताया। उन्होंने ट्वीट किया, “सुप्रीम कोर्ट जातिवादी  है, अब भी कोई शक! EWS आरक्षण की बात आई तो कैसे पलटी मारी कि 50% की सीमा संवैधानिक बाध्यता नही है लेकिन जब भी SC/ST/OBC को आरक्षण देने की बात आती थी तो इंदिरा साहनी मामले में लगी 50% की सीमा का हवाला दिया जाता रहा।”

भाजपा ने किया स्वागत
EWS आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भाजपा ने स्वागत किया है। भाजपा महासचिव बीएल संतोष ने कहा कि अनारक्षित वर्गों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने EWS आरक्षण की वैधता को बरकरार रखा है। पीएम मोदी के गरीब कल्याण की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। भाजपा महासचिव सीटी रवि ने कहा कि यह फैसला भारत के गरीबों को सामाजिक न्याय प्रदान करने के अपने “मिशन” में मोदी के लिए एक और जीत है।

चीफ जस्टिस समेत दो जजों ने जताया ऐतराज
गौरतलब है कि सोमवार को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने देश में गरीब तबके के लोगों को उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले और सरकारी नौकरियों में मिलने वाले 10 फीसदी EWS कोटे को बरकरार रखा है। 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने 3-2 से इस कोटे के पक्ष में फैसला सुनाया। चीफ जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एस. रविंद्र भट्ट ने इस कोटे को गलत करार दिया है और संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया। 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *